...दिन से शाम हो गयी। कितनों के सपने परवान चढ़े होंगे? कितनों की यौवन बगिया मकरंदों से महकी होगी? कित... ...दिन से शाम हो गयी। कितनों के सपने परवान चढ़े होंगे? कितनों की यौवन बगिया मकरंद...
वो कहते हैं न कि दुख बाँटने से आधे हो जाता है। वो कहते हैं न कि दुख बाँटने से आधे हो जाता है।
और हमें उसके साथ हमेशा वक्त बिताना चाहिए। और हमें उसके साथ हमेशा वक्त बिताना चाहिए।
एक महा निखट्टू को आखिर काम पर लगा ही लिया था। एक महा निखट्टू को आखिर काम पर लगा ही लिया था।
मैं आपके बारे अधिक जानूँगा-समझूंगा और अधिक लिखूँगा। मैं आपके बारे अधिक जानूँगा-समझूंगा और अधिक लिखूँगा।
बर्तन में जो होता है वही बाहर छलकता है। बर्तन में जो होता है वही बाहर छलकता है।